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कभी शिक्षा से गौरव कमाने वाला यह राज्य आज अपनी थू थू करवा रहा है

त्ता के झरोखे से दुनिया को आईना दिखाने वाला बिहार को गर्त में ले जाने वाले इन दल-बदलू नेताओं की तस्वीर को आईना के सामने नर्तन करवा के क्या फायदा ?

कहा जाता है की किसी भी चीज को विकसित करने के लिए शिक्षा का होना बहुत ही आवश्यक है लेकिन ये क्या 21वी सदी में तो अलग अलग उदाहरन देखने को मिलता है वो राज्य को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा के नींव को ही कमजोर करते जा रहे है बड़े-बड़े स्लोगन बनाने और चुनाव के समय लम्बी लम्बी भाषण देने से राज्य का उद्धार नहीं होता

जी हाँ मै उसी बिहार की बात कर रहा हूँ जो वर्षो पहले अपने आप में एक गौरव था जहाँ पुरे विश्व से छात्र पढने के लिए आया करते थे वह यूनिवर्सिटी था नालंदा और सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि तब भारत में इसके अलावा कोई विश्वविद्यालय नहीं था जी हाँ मै उसी बिहार की बात कर रहा हूँ जिसने देश को ही नहीं अपितु पुरे विश्व को बड़े –बड़े वैज्ञानिक और इंजीनियर दिये है.

बात अगर हजारों वर्ष पहले की करें तो आर्यभट्ट जो एक खगोल शास्त्री थे, चाणक्य जो अपनी बुद्धि से किसी ऐसे वैसे को सम्राट बना दिया, रामानुजम जिन्होंने जीरो का अविष्कार किया और अगर तत्काल समय की बात करें तो सुपर 30 के आनंद कुमार जो प्रतेक साल 30 आई आई टीयंस  देश को दे रहा है, बीरवल झा जो की ब्रिटीश लिंग्वा के फाउंडर है और आज ये संस्था पुरे देश में no. वन इंग्लिश सिखाने वाली इंस्टिट्यूट है, HC वर्मा जो फिजिक्स के जाने माने प्रोफ़ेसर और लेखक है जिनका किताब पुरे देश के लगभग सभी बड़े शिक्षा संस्थानों में चलता है और ये दरभंगा बिहार के है वैसे और भी बहुत ऐसे नाम है जो देश में ही नहीं पुरे विश्व में बिहार का नाम रौशन कर रहे है चलिए छोड़िये मै भी क्या बताने बैठ गया.

अरे हाँ मै तो भूल ही गया था छोड़ने वाली बात ही नहीं है अब आप ही देखिये ना जिस बिहार का इतना बड़ा गौरव रहा है उसी को ये नेता रुपी सत्ता माफिया गुर गोबर करने में लगा हुआ है मतलब ये सिर्फ स्लोगन ही बनाते है “बहार” वाला साला रियल की तो बात ही नहीं करतें.

जिस राज्य में नौवी फेल – दसवी फेल मंत्री बनेगा वहां बहार कैसे आएगा बहार लाने के लिए तो (POM) यानी पॉवर ऑफ़ माइंड  के साथ साथ ईमानदार होने की जरुरत पड़ती है लेकिन जिसने सिर्फ राज्य का भार उठा कर के सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचा हो वो क्या दूसरों को बहार लाने देगा अगर ला भी देगा तो सिर्फ खोखला जो दिखेगा तो लेकिन भार उठाने में सक्षम नहीं होगा

और वही हो रहा है जब से महान वाला महापुरषों के साथ महा गठबंधन की सत्ता आई है तब से भैया हाय तौबा ही मच रही है जहाँ देखो वही मौत का साया खैर अभी मौत के साया पर चर्चा नहीं करेगे अभी तो बस हम सिक्षा माफियाओं के महल का सैर करवाते है अब देखिये ना पिछले साल से ही देश में बिहार की MC BC हो रही है जिसे ठीक से पोलिटिकल साइंस नही बोलने आता है उस रूबी रॉय को टॉपर बना दिया जाता है और देश में खूब थू-थू करवाने के बाद भी जी नहीं भरता है तो झारखण्ड के 42 वर्षीय प्रौढ़ व्यक्ति गणेश कुमार को मोहरा बनाते है यानी अब शिक्षा भी पैसों की मोहताज़ हो गयी|

जिसे देश का भविष्य कहा जाता है अब उसकी जिन्दगी से खिलवाड़ किया जाने लगा हैं |आज एक ओर शिक्षा और एक ओर इस शिक्षा को पाकर देश को उन्नती की राह पर ले जाने वाले दोनों का संबंध-विच्छेद किया जा रहा है वह भी उनके हाथों जिसे हमारे यहाँ भगवान् से भी ऊँचा दर्जा दिया गया है अगर कुम्हार घड़ा बनाने में ही छल करना शुरु कर दे , तो क्या कुम्हार द्वारा बनाए गए घड़े से हम काम ले सकते है नहीं ना ! जहाँ एक ओर ( RTE ) राईट टू एजुकेशन है वही शिक्षा माफ़िया इस की आड़ में अपना महल खड़ा कर रहें है शिक्षा के नाम पर बड़े -बड़े ट्रस्ट और NGO खोले जाते है और पैसे की लालच में रूबी रॉय, गणेश कुमार जैसो को टॉपर बना कर बदनामी करवा लेते है अब तो भैया बस भगवान भरोसे ही मिलेगा ये ब्ब्ब्बबहाअअअर…………..

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